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Friday, January 5, 2018

जनवरी की सर्दी | LOVE POEMS


चल इन हवाओं को
तेरी ज़ुल्फ़ों की तरफ मोड़ दे,
तेरी साँसों से मेरी सांसे जोड़कर
तेरे लबों पे सिर्फ ख़ामोशी छोड़ दे,
ख़्वाबों की बालकनी से,
आसमां से सितारें तोड़ ले,
पूनम का चाँद बाहों में भरकर,
जनवरी की सर्दी ओढ़ ले ♥♥


Tuesday, January 2, 2018

मेरे लफ्ज़ | Hindi Poetry


जब तुझे हम कहीं भी दिखाई ना देंगे,
मेरे लफ्ज़ मेरे होने की गवाही देंगे ♥♥


Friday, October 27, 2017

Aadat | Infinite LOVE


तेरी आँखें है या कोई नशीली शराब है,
ये इश्क़ ही है या मेरी आदत खराब है ♥♥


Thursday, October 26, 2017

जाहिल | Unrequited LOVE


ख़ुद को खोकर तेरे क़ाबिल किया है,
मैंने इश्क़ में ख़ुद को जाहिल किया है ।