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Wednesday, January 28, 2015

Ae Zindagi | Hindi Poems


ज़िन्दगी तू क्यों उससे खेल रही है,
जो बरसों से बस दर्द ही झेल रही है |

उसकी ज़िन्दगी में भी बारिश की एक बौछार दे,
वो हर पल मुस्कुरायें उसे तू खुशियाँ हज़ार दे,
उसकी सांसों को जो सुकून दे,
उसे तू ऐसी बहार दे |

खुशियाँ अब कदम चूमे उसके,
उसे फिर से जीने का जूनून दे,
उसकी ज़िन्दगी फिर से संवार दे |

Monday, January 26, 2015

Mujhe Aisi Jaagir | Shayari


जो महोब्बत को दौलत से तौल दे,
मुझे ऐसी जागीर पसंद नहीं,
जो ज़िन्दगी भर का साथ पल भर में छोड़ दे,
मुझे ऐसे राहगीर पसंद नहीं |



Saturday, January 24, 2015

Pyaar Ki Shama | Love Poems


दर्द तो बहुत मिले हैं महोब्बत में मुझे,
मगर मैं तो तुझे ही चाहता हूँ,
तुझे चाहना ही फितरत है मेरी,
मैं तो बस अपना फ़र्ज़ निभाता हूँ |

सुबह की नयी रौशनी देखकर,
मैं दिल में हर रोज़ एक उम्मीद जगाता हूँ,
मुझे कहीं तू मिल जायें दर्द बांटने को,
मैं तेरी तलाश में बस चलते ही जाता हूँ |

Thursday, January 22, 2015

Manzil | Lovelorn Poetry


वो हमे भूल गए हैं ,
मंजिल का पता बताकर,
और हम आज भी मंजिल को नहीं,
उन्हें ढूँढ रहे हैं ♥♥