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Sunday, June 16, 2013

यूँ ना मुझे सताया कर

मेरे ख्वाबोँ की परी है तू,
हकीकत मेँ ना सही
सपनोँ मेँ तो आया कर |
यूँ अपनी जुल्फोँ सें,
अपनी आँखो से मुझे बाँध कर,
यूँ ना सताया कर |
तू तितलीँ सी उड़ती,
शहद से भी मीठी, फूल सी कोमल.....

Monday, June 10, 2013

वो महोब्बत थी या इतफाक था !



किसी से दिल लगाना कितना मुश्किल और,
किसी का दिल तोडना कितना आसान था,
हसरतों में उलझा वो आशिक,
हर जगह बदनाम था,
मीलो चलकर काँटों पर भी.....

Monday, June 3, 2013

जन्नत की हूर


ना जाने अब कब चाँद का दीदार होगा,
अब कब फिर से उन कातिल निगाहों का मुझ पे वार होगा ,
जो पास होकर भी मेरे पास नहीं था ,
ना जाने कब उसकी मौजूदगी का फिर से अहसास होगा,
ना जाने कब फिर से चाँद का दीदार होगा....

Thursday, May 30, 2013

क्या यही मेरी खता थी



वो भी एक वक़्त था ,
जब तेरी सांसे मेरे दिल का पता थी ,
तेरी खुशबू ,
मेरी सांसो में घुलता हुआ कोई नशा थी ,
मानता हूँ की ,
तेरी उस बेवफाई में भी एक वफ़ा थी ,
लेकिन तू सब से खुश और....