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Saturday, October 20, 2018

मैं जल हूँ | Hindi Kavita


मैं जल हूँ,
जीवन प्रश्न है
तो मैं हल हूँ,

मैं गर आज हूँ,
तो मैं कल हूँ

नज़रिया | हिंदी


बयान करने को पूरा दरिया था,
मगर कोई  जरिया ना मिला,
फिर एक दिन हिंदी मिली,
और फिर इक नज़रिया मिला |


वजह | Hindi Poetry


कभी लगता है कि
तू इस दिल से निकल जाये,
तो कभी लगता  है कि
तुझे याद करने की
कोई वजह मिल जाये ♥♥


Thursday, October 18, 2018

मुसलसल | URDU Shayari


मोहब्बत मुसलसल पीछे पड़ी है,
तेरी यादें छोटी और रातें बड़ी है ♥♥