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Tuesday, November 27, 2018

नींद | Unrequited LOVE


नींद को बुलाया तो तुम्हारी याद चली आई,
मेरे हिस्से में ना तुम आई और ना नींद आई ।


Friday, November 23, 2018

नशा | रोमांटिक शायरी


तेरी थोड़ी सी
पलकें झुका दे,
तेरी उँगलियों को
मेरी उँगलियों से मिला दे,
तेरी जुल्फ़ें
मेरे काँधे पर फैला दे,
जो नशा तेरी आँखों में है
तेरे होंठों से पिला दे ♥♥


Sunday, November 18, 2018

मेहबूब | एकतरफा प्यार


ये कौन है जो
बिना रुके मेरी ओर आ रहा है,
मेरी नज़र में कैद है जो
मुझसे ही नज़रे छिपा रहा है ♥♥

छुप-छुप कर मोहब्बत की है जिसने,
सरेआम आँखों के इशारों में बुला रहा है,

Friday, November 16, 2018

तलब | हिंदी शायरी


तुझसे इश्क की तलब
कभी गयी ही नहीं,
सब कुछ छोड़ दिया,
मगर तेरी यादें
मुझसे अलग हुयी ही नहीं ♥♥