Day: November 27, 2012

जितना तुझे देखू | Love Poems

जितना तुझे देखू, उतना परेशान करे ये दिल, मैं अब भी सपनो में हूँ , और हकीकत बयाँ करे ये दिल, कुछ ख्वाब छूटे और कुछ ख्वाब टूटे, वक़्त–बेवक्त अब आहें भरे ये दिल, जिसे पा कर भी पा नहीं सका, चाह कर भी चाह ना सका उस मंजिल की राह ताके ये दिल, सपनो में जी लूँ , ग़मों को पी लूँ , दर्द से आहें भरे ये दिल, जितना तुझे देखू , उतना परेशान करे ये दिल !

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