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Thursday, November 15, 2012

Eyes Wanna Say Something | Love Poems

आँखो को ख्वाबोँ के टूटने पर,
आंसुओँ ने अपना आशियाना बना लिया है,
खुशियाँ ढूंढती रही आँखे,
सपनोँ की डोर मेँ आंसुओँ को पिरो लिया है,
एक साये की तलाश थी कब से,
अब गमोँ को ही साये की तरह अपना लिया है,
ये जो गहरे सन्नाटे है,
वक्त ने सबको ही बांटे है..
ये खामोश लब कुछ कहना चाहते हैँ,
जैसे बिन बादल बरसातेँ हैँ,
दिन मेँ दिखाई देता अंधेरा सा है और सूनी रातेँ हैँ,
महफिलोँ मे भी गहरे सन्नाटे हैँ,
अब तो रास्तेँ के हर पत्थर को ही अपना साथी बना लिया है,
इस हँसी की आड़ मेँ तूने गमोँ को छुपा लिया है !

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