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Monday, November 12, 2012

I Hope | Love Poems

वो ख्वाबों की परी है,
जो उडती है सपनो के आसमान में,
तू वीरानो का बाशिंदा है,
जो ज़मी पे रहता है,
उसकी यादों के सुने मकान में,
 रे मनवा !
जो तुझे ना चाहे,
क्यों उसके पीछे भागे रे,
किस्मत तुझसे भागे आगे रे
क्यों तेरी आँखे सोये,
और सपने जागे रे,
तू क्यों बिखरता है,
तू क्यों तडपता है,
तू ना टूटे
ये सांसो का पिंजरा ना छूटे,
तो अभी भी प्यार का,
आशियाना तेरे आगे रे !

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