Month: November 2012

Duaa | Life Quotes

Dekhte hain ki Duniya ke Iraado mein, Jyada Taqat hai, Ya phir Khuda ki Ebadat mein, Mein har Roz Sajde mein Jameen par, Apna sirr Patkata hun ! Keyword Tag : Love Poems, Love Sad Poems, Sad Poems on Love, Hindi Love Poems, Short Love Poems, Innocent Love, An Innocent Love, Innocent Love Drama, Satire-Vicious acts […]

Read more

Eyes Wanna Say Something | Love Poems

आँखो को ख्वाबोँ के टूटने पर, आंसुओँ ने अपना आशियाना बना लिया है, खुशियाँ ढूंढती रही आँखे, सपनोँ की डोर मेँ आंसुओँ को पिरो लिया है, एक साये की तलाश थी कब से, अब गमोँ को ही साये की तरह अपना लिया है, ये जो गहरे सन्नाटे है, वक्त ने सबको ही बांटे है.. ये […]

Read more

It’s All About Dignity | Life Quotes

ये ख्वाबोँ का पंछी है, जो एक दिन टूट कर गिर जायेगा, हकीकत के आसमान से, गिर कर जो उठते हैँ, वही इंसान हुआ करते हैँ, पर जो उपर उठकर भी गिरे हुएँ है, वो बेजान हुआ करते हैँ | Keyword Tag : Love Poems, Love Sad Poems, Sad Poems on Love, Hindi Love Poems, Short Love Poems, Innocent Love, An Innocent Love, Innocent Love Drama,Satire-Vicious acts of Society

Read more

I Hope | Love Poems

वो ख्वाबों की परी है, जो उडती है सपनो के आसमान में, तू वीरानो का बाशिंदा है, जो ज़मी पे रहता है, उसकी यादों के सुने मकान में, ओ रे मनवा ! जो तुझे ना चाहे, क्यों उसके पीछे भागे रे, किस्मत तुझसे भागे आगे रे क्यों तेरी आँखे सोये, और सपने जागे रे, तू क्यों बिखरता है, तू क्यों तडपता है, तू ना टूटे,  ये सांसो का पिंजरा ना छूटे, तो अभी भी प्यार का, आशियाना तेरे आगे रे !

Read more

Undefined Love | Life Quotes

वो क्या जाने दिल का रिश्ता, जो खून के रिश्ते वालो को भी, खून के आंसू रुला बैठे, क्या रीति-रीवाजो और, दुनिया की रस्मो की आग, इतनी तेज थी, जो उसके अपने उसे जिन्दा जला बैठे ! Keyword Tag : Love Poems, Love Sad Poems, Sad Poems on Love, Hindi Love Poems, Short Love Poems, Innocent […]

Read more

तू जो कहे तो | Love Poems

तू जो कहे तो हँस दूँ , तू जो कहे तो रो दूँ , तू जो कहे तो उसे पा लू और,  तू जो कहे तो उसे खो दूँ , मेरी आँखे सोये और सपने जागे, कांटो का बिस्तर है, गमोँ की चादर है, मेरी सांसो मेँ बसी तेरी यादोँ के, इस गुमनाम अंधेरे मेँ , मेरी सांसो को रोक कर, मैँ अब कहाँ सो दूँ , सपनोँ से भरा गगन है, पर सुना मन का आंगन है, ये मेरे मन की जागीर है, जहाँ रहता हर वक्त मेरी नजरोँ का पहरा है, ऐ किस्मत तू चाहे जितना जोर लगा ले, इस मन का पहरी मैँ खुद हूँ , यहाँ हुक्म मेरा चलता है, तेरी इन गुस्ताख नजरो को मोड़ दूँ , तेरी इन हसरतोँ को तोड़ दूँ , ये मेरे मन का आंगन है, यहाँ किसे रखूँ , और किसे छोड़ दूँ !

Read more

Priceless Tears | Hindi Poems

पंछी नहीं हूँ फिर भी चहकता हूँ, फूल नहीं हूँ फिर भी महकता हूँ, खामोश हूँ फिर भी,  एक सुर सा खनकता हूँ,  आंसुओ से भरा घड़ा हूँ,  फिर भी कभी ना छलकता हूँ, थक चूका हूँ फिर भी,  तेरी यादो कि कैद का बंदी हूँ में.. हर वक़्त वीरानो में टहलता हूँ, सूखे सागर में कश्ती चलाता हूँ,  देखते हैं कि दुनिया के इरादों में,  ज्यादा ताकत हैं ! या फिर खुदा कि इबादत में !  मैं हर रोज़ सजदे में जमीन पर,  अपना सिर पटकता हूँ !

Read more

Ye Nazare Kuch Kehti Hain | Sad Shayari

ये नज़रे कुछ कहती हैं, बिना कुछ कहे ये सब कुछ सहती है, शायद कुछ कहना चाहती हैं वो नज़रे मुझे, पर वो नज़रे शायद दिल में कोई दर्द छुपाकर बैठी हैं ♥♥

Read more

It Is A Bird Of The Mind | Sad Poems

ओ रे मनवा ! तू क्योँ तड़पता है, थोड़ी धूप है सबका हिस्सा, थोड़ा गम है सबका किस्सा, किस्मत उससे तंग है, प्यार के ये कैसे रंग है, दुनिया का ये कैसा ढंग है, ये मन का पंछी है, उड़ता है सांसो के साथ, जिन्दा हर एक अरमान से, जानता है कल क्या होगा ! ये ख्वाबोँ का पंछी हैजो एक दिन टूट कर गिर जायेगा.. हकीकत के आसमान से, गिर कर जो उठते हैँ, वही इंसान हुआ करते हैँ, पर जो उपर उठकर भी गिरे हुएँ है, वो बेजान हुआ करते हैँ, तू क्योँ रोता है, चाँद भी कभी बादलोँ के पीछे, अपनी रोशनी खोता हैँ, बादलोँ को हटने दे, तूफानोँ को थमने दे, गमोँ की बारिशेँ ही तो है, एक दिन रूक जायेगी, ये खुला आसमान फिर से दिखेगा, ये मन का पंछी है, एक दिन फिर से उड़ेगा | KEYWORD TAG: LOVE POEMS, INNOCENT LOVE, LOVE BIRDS, LOVE IS PAINFUL POEMS, LOVE IS A BEAUTIFUL FEELING POEMS

Read more

I’m Dead, I’m Still Alive | Sad Poems

ख्वाबोँ की किताबेँ रोज उलटता हूँ, उन किताबोँ मेँ छिपी यादोँ की कश्तियाँ ढूँढता हूँ, हकीकत के पन्ने रोज पलटता हूँ, मैँ वीरानोँ का बाशिँदा हूँ, अपनी बरबादिया रोज़ लिखता हूँ, रोज सपनेँ बूनता हूँ, फिर उन्हेँ तोड़ता हूँ, आँखोँ से आंसुओँ को चुनता हूँ… हर एक तनहा पल को गिनता हूँ, मर चुका हूँ फिर भी जिन्दा हूँ, मैँ वीरानो का बाशिँदा हूँ, अपनी बरबादिया रोज़ लिखता हूँ, हर रोज सपनेँ बूनता हूँ, फिर उन्हेँ तोड़ता हूँ !

Read more