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Wednesday, November 21, 2012

We Are Together !



वो कहती है कि हम दोनोँ साथ हैँ !
वो चांद की चांदनी है और,
मेरी जिँदगी अमावस की कोई काली रात है,
वो फूलोँ की खुशबू है और,
मेरी जिँदगी जैसे पतझड़ मेँ किसी पेड़ की डाली से,
टूटे हुए पत्ते को हर पल होता सूखेपन का एहसास है..

वो चांद की बिखरी रोशनी-सी शरद पूर्णिमा की मदहोश रात है और,
मेरी जिँदगी उस रात मेँ अंधेरे मेँ खोये हुए 
उन सितारों की सूनी कायनात है,
वो बहती नदी हैँ और,
मेरी जिँदगी रेगिस्तान मेँ उड़ते हुए किसी पंछी की प्यास है..

वो सावन की रिमझिम बारिश है और,
मेरी जिँदगी बरसो से सूखी मिट्टी की दो बूंद प्यास है,
वो किसी गीत का मीठा राग है और,
मेरी तो धड़कन ही बेआवाज है..

मैँ महफिलोँ मे भी गुमनाम हूँ और,
वो अकेले भी खास है,
पर जिँदगी को आई वही रास है,
वो मेरी उलझी हुयी हर एक सांस है,
वही एक जिँदगी की बची हुयी आस है,
अब मेरी नजरोँ को सिर्फ उसी की तलाश है,
सिर्फ वही एक है,
जो सांसोँ से भी ज्यादा मेरी रूह के पास है..

पर वो मेरी किस्मत से जुड़ा हुआ काश ! है,
वो मेरी किस्मत है और,
मेरी किस्मत ही नहीँ मेरे साथ है और,
वो कहती है कि हम दोनोँ साथ है !
 

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