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Monday, March 31, 2014

Tera Ishq Jinda Hai

♥ रात भी सो गयी है,
पर मेरे दिल को सुकून कहा है,
मैं तेरे इश्क में जाग रहा हूँ,
चाँद-सितारें इस बात के गवाह है,
आज चाँद को मैंने तेरे घर भेजा है,
की देख क्या मेरा महबूब सो रहा है,
वो बेखबर है मेरे इश्क से,
मेरा दिल रो रहा है,
सुबह चोखट पर खड़ी है,
दिल ग़मज़दा है,
ऐ खुदा कुछ पल थाम ले इस रात को,
मैं ढून्ढ रहा हूँ उसे सितारों में,
ना जाने मेरा महबूब कहा है...
♥ एक ठंडी हवा का झोका तुझे छूकर आया है,
मैंने उसे समेट लिया है अपनी बाहों में,
तेरी खुशबू को मैंने उसमे पाया है,
जरा आँखों से पलकों के परदे हटा,
चाँद तेरी खिड़की पे ही खड़ा है,
मैंने कहा है उसे की तुझे कह दे,
तेरा इश्क तुझे ख्वाबों में बुला रहा है,
मेरा हाथ थाम ले तू, क्यों तू खुद से खफा है,
मैं इस काली रात को तेरी चाँदनी से चमका दूंगा,
तेरी साँसों की खुशबू से इन फिज़ाओ को महका दूंगा,
तेरी ज़िन्दगी को सितारों से सजा दूंगा,
चाँद को फलक से उतार कर तेरी जुल्फों में छिपा दूंगा,
मुझे बस इतना कह दे की तेरे ख्वाबों में आउंगी मैं,
तुझे रातों में अब ना सताउंगी मैं,
तू जब भी पुकारेगा चली आउंगी मैं,
कह दे की तेरा ये वादा है,
तेरे हर ग़म पे मेरा भी हक आधा-आधा है 
♥ क्या कह दूँ मैं इन चाँद-सितारों से,
रात की इन ठंडी हवाओं से की ठहर जाओ जरा,
मेरा महबूब लौट के आ रहा है,
धड़कन रुक गयी हैं, साँसे थम गयी हैं,
तू ही तू हर जगह है,
ऐ खुदा टूट कर बिखर गया हूँ मैं,
मेरा महबूब मुझसे जुदा है,
ना जाने क्यों वो मुझसे खफा है,
ऐ खुदा थोड़ी रहमत कर दे,
चांदनी से इस काली रात को रोशन कर दे,
मैं ख़्वाबों में उससे मिल सकू,
हर लम्हा बस मेरा और उसका कर दे,
इस रात को कह दे की ठहर जा जरा,
मेरा महबूब ख्वाओं में आने वाला है,
दिल तो टूट चूका है,
पर उम्मीदें अब भी जिन्दा है 
♥ ऐ सितारों देखो जरा,
चाँद फिर फलक पे लौट आया है,
उसने कहा है की उसे मेरा महबूब नज़र आया है,
उसने मुझे कहा की है की,
तू अगर रुसवा है, तो तेरा महबूब भी कहाँ सोया है,
तू हर पल तडपता है , तो वो भी तेरी यादों में खोया है 
♥ मैंने धड़कन को फिर से थाम लिया है,
टूटती साँसों को फिर संभाल लिया है,
सूखे हलक से फिर तेरा नाम लिया है,
चाँद ने जो धड़कन को पैगाम दिया है,
की तेरे महबूब ने कहा है की,
मुझे अपनी यादों में रखना,
ख्वाब बनाकर अपनी आँखों में रखना,
सुन सकू जो लब्ज़ तेरे वो बाते संभाल के रखना,
छू सकू जो तेरे सपनो को वो रातें संभाल के रखना,
पी सकू जो तेरी साँसों को अपनी साँसे थाम के रखना,
रह सकू जो तेरी धड़कन बनकर अपना दिल संभाल कर रखना,
चल सकू जो तेरे साथ हमसफर बनकर वो रास्ते याद रखना,
तुझे यूँ खुद से खफा देखकर मेरा भी दिल रुसवा है,
पर तू इन उम्मीदों को जिन्दा रखना,
मेरे दिल मैं तेरा इश्क अब भी जिन्दा है,
तेरा इश्क जिन्दा है 

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