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Thursday, April 17, 2014

Dil Kho Chuka Hai

♥♥ एक हादसा जो हो चूका है,
गुनाह इश्क का जो दिल कर चूका है,
ऐ खुदा अब तू चाहे लाख रहम-ओकरम कर,
जो शख्स साँसों से ज्यादा जरुरी था,
वो तो अब दिल खो चूका है ♥♥

Poetry Written by - MS Mahawar

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