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Monday, January 26, 2015

Mujhe Aisi Jaagir | Shayari


जो महोब्बत को दौलत से तौल दे,
मुझे ऐसी जागीर पसंद नहीं,
जो ज़िन्दगी भर का साथ पल भर में छोड़ दे,
मुझे ऐसे राहगीर पसंद नहीं |



6 comments:

  1. ये उसकी गलती नहीं, ये तो तेरा ही गुनाह था...
    उसको क्या दोष देता हैं, ऐसा कुछ होगा ये तुझे भी पता था...

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