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Sunday, March 15, 2015

Tere Khwaabo Mein | Shayari


आँखों को आज फिर सुकून,
तेरे ख़्वाबों में सोने से है,
मुद्दतो बाद आज फिर मेरे लबों पे हँसी,
मेरे दिल के करीब तेरे होने से है ♥♥


5 comments:

  1. बहुत खूब सरजी...

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  2. बहुत खूब सर जी...

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  3. बहुत अच्छा लिखते हI आप जारी रखिये मेरी शुभकामनाये आपके साथ है। बहूत गहरी रचनाये है सारी

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद.

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