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Friday, April 10, 2015

Tujh Mein Jinda Meri Saans Ho | Love Poems


तू मेरी बाहों में हो,
काश ऐसी भी कोई रात हो,
मैं सारी रात तुझे देखता रहूँ,
और चांदनी की बरसात हो |

मेरे हाथों में तेरा हाथ हो,
कुछ हो हमारे बीच,
तो बस तेरे मेरे ज़ज्बात हो,
मेरे होंठ तेरे होंठों को छू जाये,
मेरे जिस्म में भी तेरी सांस हो | 

जब भी लगे की तनहा हूँ मैं,
तू ही मेरे साथ हो,
तेरी बिखरी जुल्फों में खो जाऊं,
तू ही मेरी सुबह और तू ही शाम हो |

तेरी आँखों को ख़्वाबों से सज़ा दूँ मैं,
सारी खुशियाँ तेरे पास हो,
मैं अगर अपना वजूद खो भी दूँ,
तो तुझमें जिन्दा मेरी हर सांस हो |



6 comments:

  1. as lovely and romantic as ever... and these falling red petals are doing the trick on the blog-post too, Madhusudan (just got to know your name) :-) Cheers

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    Replies
    1. Thank you so much :) your words means a lot to me. Thanks for such a inspiring comment.

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