.

Wednesday, September 9, 2015

Jazbaat-E-Ishq | Infinite Love


चल फिर उन इश्क़ की राहों से गुज़र जाये,
टूटकर इन हसरतों में जज़्बात-ए-इश्क़ में बिखर जाये,

जो चल पड़े कदम तो रुकना मुश्किल होगा,
या तो फिर कह दो अपने दिल से कि थोडा संभल जाये ♥♥


6 comments:

If you want to leave comments. First preview your comment before publishing it to avoid any technical problem.