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Wednesday, March 16, 2016

सफ़र में | Hopeless


तुझे पाने आये थे इस शहर में,
खुद को खोकर लौटे हैं इस सफ़र में ♥♥


हदें क्या पार हुयी महोब्बत में तेरी,
तेरी यादों में गुज़र रही है ज़िन्दगी मेरी ♥♥


कसर रह ना जाये कोई महोब्बत में बाकी,
जितना तुझे चाहूँ उतना ही है नाकाफ़ी 
♥♥


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