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Wednesday, August 10, 2016

Ek Khwaab | Infinite Love


वक़्त के पन्ने पलट कर मैं कुछ लम्हे ढूँढता हूँ.
बिखरी पड़ी ज़िन्दगी से मैं कुछ यादें चूनता हूँ,

क्यों ये एक ख्वाब मैं हर रोज़ बूनता हूँ,
मेरी धड़कनो को रोककर मैं तुझे सूनता हूँ ♥♥


Indian Bloggers

2 comments:

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