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Friday, August 12, 2016

Mera Khuda | Hopeless



थोड़े से करीब और थोड़े से जुदा है,
मैं याद उसकी और वो मेरा खुदा है,

ना जाने क्यों फिर ऐसा हुआ है,
खुशबू ने उसकी जैसे साँसों को छुआ है ♥♥

हर दर्द की जैसे वो ही दवा है,
धूप भी जैसे अब ठंडी हवा है,

नज़रों ने जो उसकी दिल को छुआ है,
साँसे उसकी मेरे दिल का पता है ♥♥

ज़िन्दगी बेदर्द और यादें धुँआ है,
रूह का मिलन जो फिर इश्क़ से हुआ है,

दर्द जो मेरी आँखों में छिपा है,
हर सांस पे जैसे उसका नाम लिखा है ♥♥

मैं एक लम्हा और वो सारा जहां है,
क्यों ढूँढू उसे हर जगह कोई तो वजह है,

दूर रहूँ मैं उससे क्या यही अब सजा है,
ऐ मेरे खुदा तू क्यों मुझसे खफ़ा है ♥♥


Indian Bloggers

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