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Friday, December 30, 2016

Khamoshi | Hindi Poetry


हर लफ्ज़ में मैंने तेरा नाम छिपा रखा है,
इस ख़ामोशी में मैंने एक शोर दबा रखा है ♥♥


आगाज़-ए-इश्क़ में जोर बहुत है,
इन खामोशियों में शोर बहुत है ♥♥


माना कि तेरी हँसी दर्द छुपाने में माहिर है,
मगर तेरी नज़रों से सब कुछ ज़ाहिर है ♥♥


Indian Bloggers

4 comments:

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