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Tuesday, January 10, 2017

Beghar | Hopeless


कोई आशिक़ तो कोई दीवाना कहता है,
मेरे इस बेघर दिल में किसी का दिल रहता है ♥♥


दिल को कुरेदते ज़ख्मो को कहीं हवा ना मिली,
मर्ज़ इश्क़ का ऐसा कि कहीं दवा ना मिली ♥♥


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