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Tuesday, March 14, 2017

Khaamoshiyaan | Hopeless


मेरी धड़कनें भी तुझसे ये जवाब चाहती है,
वो जो बात तेरे होंठो पे आकर वापस लौट जाती है ♥♥


मर्ज़ इश्क़ का ऐसा कि खुद को भी भूला बैठे,
जो मौजूद ही नहीं उसकी मौजूदगी से दिल लगा बैठे ♥♥


समझते वो भी हैं मेरी खामोशियों का सबब,
शायद वो भी इश्क़ में तड़प कर बैठे हैं ♥♥


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