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Thursday, March 23, 2017

Shayari | Infinite Love


बंजर पड़ी जमीं में उम्मीदों के बीज़ बौता है,
वो जो आँखों में मखमली ख़्वाब लिये काँटों पे सोता है ♥♥


कभी तुम्हें देखकर एक शायरी लिखी थी,
तुम तो पूरी डायरी ही बन गयी ♥♥


रुक रुक कर दिल में जो ये दर्द उठता है,
कोई तो है जो मुझे छूकर गुज़रता है ♥♥


दिल हर्फ़ हर्फ़ जैसे तुम्हें ही लिखता हो,
मैं कागज़ हूँ और तुम उस पर लिखी कविता हो ♥♥


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