.

Tuesday, August 15, 2017

Dil Ki Sadaa | Hopeless


दिल की सदाओं से मुँह मोड़ लिया हमने,
धड़कनो से रिश्ता अब तोड़ दिया हमने,

पुकारने से भी ना अब लौटेंगे हम,
घर महोब्बत का अब छोड़ दिया हमने


4 comments:

  1. दिल का रिश्ता इतनी आसानी से कहाँ टूटता है ।
    ये मौहब्बत का जहां है 'जनाव'
    इतनी आसानी से कहाँ छूटता है ।

    ReplyDelete
    Replies
    1. सही कहा!
      शुक्रिया, ब्लॉग पर आते रहे |

      Delete

If you want to leave comments. First preview your comment before publishing it to avoid any technical problem.