.

Wednesday, September 13, 2017

ख्वाहिशें | HAMARI ADHURI KAHANI


वो खामोशियाँ कुछ कहना चाहती है,
वो सूरत किसी की आँखों में रहना चाहती है,

वो जानती है कि इश्क़ दर्द है,
उसकी ख्वाहिशें तो देखो,
वो इस दर्द को सहना चाहती है 
♥♥


No comments:

Post a Comment