.

Sunday, September 10, 2017

कविता | Infinite Love


दिल हर्फ़ हर्फ़ जैसे तुम्हें ही लिखता हो,
मैं कागज़ हूँ और तुम उस पर लिखी कविता हो ♥♥


No comments:

Post a Comment