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Sunday, September 16, 2018

नाउम्मीद इश्क़ | Unrequited LOVE


सोचा था कि
तेरा बादलों के पार तक पीछा करूँ,
तेरा कई जन्मों तक इंतज़ार करूँ,
चाँद की परछाई में तेरा दीदार करूँ,
तुझे कुछ भी कहने से डरूं,
तुझे छूने की तड़प में मरूं,
तेरी यादों को अपनी बाहों में भरूँ,
नाउम्मीद इश्क़ से इश्क़ की उम्मीद करूँ,

Saturday, September 8, 2018

क़ातिल नज़र | Unrequited LOVE


उसकी आँखों में डूब कर मर जाना मुश्किल नहीं था,
उसके पास क़ातिल नज़र तो थी मगर दिल नहीं था |


Wednesday, September 5, 2018

दिल की बस्ती | Unrequited LOVE


एक पल में दिल की बस्ती उजड़ गयी,
वो हुस्न में लिपटा कोई सैलाब था |



Sunday, September 2, 2018

शब्-ए-माहताब | Eternal LOVE


उसका हुस्न जैसे शब्-ए-माहताब है,
मेरे होंठ प्याला और उसकी साँसे शराब है ♥♥