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Saturday, October 20, 2018

मैं जल हूँ | Hindi Kavita


मैं जल हूँ,
जीवन प्रश्न है
तो मैं हल हूँ,

मैं गर आज हूँ,
तो मैं कल हूँ

नज़रिया | हिंदी


बयान करने को पूरा दरिया था,
मगर कोई  जरिया ना मिला,
फिर एक दिन हिंदी मिली,
और फिर इक नज़रिया मिला |


वजह | Hindi Poetry


कभी लगता है कि
तू इस दिल से निकल जाये,
तो कभी लगता  है कि
तुझे याद करने की
कोई वजह मिल जाये ♥♥


Thursday, October 18, 2018

मुसलसल | URDU Shayari


मोहब्बत मुसलसल पीछे पड़ी है,
तेरी यादें छोटी और रातें बड़ी है ♥♥


ठहर | हिंदी कविता


तेरे आने से सहर हुई है,
तेरे जाने से रातें ठहर गई है ♥♥


Wednesday, October 17, 2018

जैसे चाँद | HiNDI Shayari


जिस दिन तुम्हें शायरी में उतारा जाएगा,
जैसे चाँद को कुछ और संवारा जाएगा
 ♥♥


दूरी | रोमांटिक शायरी


चाहे तुझसे मिलना अगले जन्म हो,
तेरे-मेरे लबों के बीच दूरी कभी तो कम हो ♥♥


Tuesday, October 16, 2018

हसीन ख़्वाब | हिंदी शायरी


तुम होंठों पे जो
यूँ उँगलियाँ रख लेती हो,
चाँद पे जो तिल है
उसे ढक देती हो,

इक आदमी | हिंदी कविता


चेहरे पे उदासी लिए शहर में घूमता रहा,
वो इक आदमी जो खुशियाँ बेचने आया था |


तेरा आना | रोमांटिक शायरी


मेरे सामने तेरा यूँ आना हुआ,
मेरे दिल का जां से जाना हुआ ♥♥


Monday, October 15, 2018

Sunday, October 14, 2018

अँधेरा | हिंदी शायरी


जिसे तू अपना समझ बैठा है,
वो तेरा नहीं है,
हर इक आदमी के अंदर अँधेरा है,
कहीं सवेरा नहीं है |



ख़्वाहिशें | हिंदी कविता


मैंने ख्वाहिशों को बाँध रखा है,
बस तू अपनी जुल्फें संभाल ले ♥♥


करीब | दिल की बात


श्रुति :- क्या मुझे यूँ ही देखते रहोगे?
राजीव :- इतने करीब से पहले कभी चाँद नहीं देखा ना |


Friday, October 12, 2018

इक रात | हिंदी शायरी


तेरी धड़कनों को मेरी धड़कने सुनानी है,
तेरी पलकों के नीचे इक रात बितानी है ♥♥


आशा | Eternal LOVE


तुम्हें चाँद कहूँ या ख्व़ाब कहूँ,
मेरे लिए मोहब्बत की
परिभाषा हो तुम,
मेरा सुकून, मेरी ज़िंदगी,
मेरी आशा हो तुम ♥♥


तामील | Urdu POETRY


कुछ इस तरह तेरे इश्क़ की तामील की है,
हर सांस के साथ तेरी याद शामिल की है ♥♥


Thursday, October 11, 2018

नाराज़गी | हिंदी शायरी


चेहरे पे चाँद सी सादगी है,
होंठों पे गुलाबों सी ताज़गी है,
ज़िंदगी की मुझसे कैसी नाराज़गी है,
ये मोहब्बत भी सिर्फ़ कागज़ी है ♥♥


Saturday, October 6, 2018

मक़ाम | Unrequited LOVE


मोहब्बत ही मेरा आख़िरी मक़ाम ना हो जाये,
तेरे इंतज़ार में ज़िंदगी की शाम ना हो जाये |