.

Thursday, November 1, 2018

तक़दीर | Hindi Poems


दिल को अब कैसे करार मिले,
तेरा इश्क मिले या तेरा इंतज़ार मिले,
मेरी आँखों की तक़दीर भी तेरे हाथों में है,
इन्हें अश्क़ मिले या तेरा दीदार मिले  ♥♥


No comments:

Post a Comment