Day: January 22, 2019

वस्ल | रोमांटिक शायरी

इक उम्र गुज़री है हिज़्र में अब वस्ल का स्वाद चखना है, तेरे गाल पे जो तिल है उसे होंठों से उठाकर तेरे काँधे पे रखना है ।

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