Day: February 11, 2019

तिरे हिज़्र | Adhuri Mohbbat

गुलाब चुभने लगे हैं, अब काँटों से मुहब्बत की जाय, वस्ल होता तो आँखों से पीते, तिरे हिज़्र में मैखानों में पी जाय ।

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पलकों पे | Sad Shayari

मैं तुझे अपनी पलकों पे बैठा तो लूँ, तू मुझे कभी अपनी नज़रो से गिरा मत देना ।

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वादा | Undefined LOVE

कोई कैसे माँगे कोई वादा या सुकून तुझसे, तुझे देखकर दिल मुस्कुराहता है क्या काफ़ी नहीं ।

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नींद | Unrequited LOVE

चलो तुम दिल तो रख लो, मगर मेरी नींद तो वापस कर दो ।

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