Abhi ek Saans Baaki Hai | Hindi Poetry


तेरी यादों के सहारे जी रहा हूँ मैं,
प्यार के इस दर्द के घुट को रोज़ पी रहा हूँ मैं ♥♥
मैंने तेरी पलकों पे कुछ सपने सजाये थे,
कहीं वो सपने सूख कर मर ना जाये,
मैंने उन्हें अपने अश्कों से भीगोये थे ♥♥
कुछ लफ्ज़ ही सुन पाया था तेरे लबों से,
अभी वो अधूरी बात बाकी है,

साँसों की डोर को मैंने अभी थाम रखा है,
कि अभी तेरा दीदार बाकी है ♥♥
जिस दिन फलक पे चाँद पूरा  दिखाई देगा,
अभी वो रात बाकी है,

शायद फिर लौट आये मेरी ज़िन्दगी में वो प्यार
वापस
,
इस उम्मीद में मुझ में अभी एक सांस बाकी है ♥♥


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6 thoughts on “Abhi ek Saans Baaki Hai | Hindi Poetry

  1. Nice lines… fully emotional 🙂

    1. Thank you 🙂

  2. Nice poem 🙂

    1. thank you 🙂

  3. waah waah…waah waah! u write very well…..really impressive n heart touchin!

    1. Thanks a lot 🙂

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