Beghar | Hopeless

कोई आशिक़ तो कोई दीवाना कहता है,
मेरे इस बेघर दिल में किसी का दिल रहता है ♥♥

दिल को कुरेदते ज़ख्मो को कहीं हवा ना मिली,
मर्ज़ इश्क़ का ऐसा कि कहीं दवा ना मिली ♥♥



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4 thoughts on “Beghar | Hopeless

    1. Thanks Purba 🙂

  1. Khoobsurat ehsaas!

    1. Thanks Kokila 🙂

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