Dil Ki Sadaa | Hopeless

दिल की सदाओं
से मुँह मोड़ लिया हमने
,
धड़कनो से
रिश्ता अब तोड़ दिया हमने
,

पुकारने से भी
ना अब लौटेंगे हम
,
घर महोब्बत का
अब छोड़ दिया हमने
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4 thoughts on “Dil Ki Sadaa | Hopeless

  1. दिल का रिश्ता इतनी आसानी से कहाँ टूटता है ।
    ये मौहब्बत का जहां है 'जनाव'
    इतनी आसानी से कहाँ छूटता है ।

    1. सही कहा!
      शुक्रिया, ब्लॉग पर आते रहे |

  2. Very nice.
    Though its not easy.

    1. THanks Jyotirmoy 🙂

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