सफ़र में | Hopeless

तुझे पाने आये थे इस शहर में,
खुद को खोकर लौटे हैं इस सफ़र में ♥♥




हदें क्या पार हुयी महोब्बत में तेरी,
तेरी यादों में गुज़र रही है ज़िन्दगी मेरी ♥♥



कसर रह ना जाये कोई महोब्बत में बाकी,

जितना
तुझे चाहूँ उतना ही है नाकाफ़ी 
♥♥


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4 thoughts on “सफ़र में | Hopeless

    1. THanks for reading!

  1. Beautiful words MS.

    1. Thank you so much 🙂

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