एक हसरत | Hopeless

सदियों से दिल
में एक हसरत थी कहीं
,
कि इश्क़ मिल
जाये इन वादियों में कहीं
,

ढूँढता फिर
रहा हूँ तुझे मैं इन बारिशों में हर कहीं
,
मगर तू मुझे
मिल जाये अब वो मौसम नहीं
♥♥

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4 thoughts on “एक हसरत | Hopeless

  1. bohot khoob MS.

    1. Shukriya Shweta 🙂

  2. nice done my dear 🙂

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