मेहंदी | Infinite Love

तेरे जिस्म की
खुशबू से मिल जाऊं मैं
,
जो तुझे हो
पसंद उन आदतों में ढल जाऊ मैं
,

जो ना हो
मुमकिन अब वो भी कर जाऊं मैं
,
काश तेरे
हाथों की मेहंदी बन जाऊं मैं
♥♥



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4 thoughts on “मेहंदी | Infinite Love

  1. Waah !! Great MS.

    1. THanks Shraddha 🙂

    1. THank you 🙂

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