हुस्न-ए-इश्क़ | Infinite Love

गुनाह ये बार-बार वो हर रोज़ करता है,
हर शख़्स इश्क़ की चाह में हर रोज़ मरता है,

ना जख्मों से और ना वो मौत से डरता है,
जब हुस्न-ए-इश्क़ से यूँ पर्दा गिरता है ♥♥


Tagged , , , ,

2 thoughts on “हुस्न-ए-इश्क़ | Infinite Love

  1. Bahut Khoob Mahawar. 🙂

    1. Shukriya Yogesh 🙂

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *