तेरा इंतज़ार | Infinite Love

वो छत पर अपनी
जुल्फ़ें सुलझा रही थी
,
और उसकी अदायें मुझे उसके ख्यालों में उलझा रही थी |
♥♥

कोशिशें बहुत की
मगर तेरी यादें कभी कम ना हुई
,
कोई दिन ऐसा ना होगा जब तेरी याद में आँखें नम ना हुई |
♥♥

बरसता हुआ पानी
आग बुझा रहा था
,
मगर दिल अंदर ही अंदर तेरी याद में जला रहा था |
♥♥

मरते दम तक तेरा
इंतज़ार रहेगा
,
मेरी धड़कनो को सुनकर देखना तू,
मर कर भी मुझमें जिन्दा तेरा प्यार रहेगा |
♥♥

तेरी हँसी को
देखकर ही तो मेरे ग़म कम होंगे
,
अब खुद से ना रूठना कभी तू,
क्योकि तुझे मनाने के लिये अब कभी हम ना होंगे |
♥♥

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6 thoughts on “तेरा इंतज़ार | Infinite Love

    1. THanks for reading 🙂

  1. I really liked the first line.
    great writeup

    1. THanks Shraddha 🙂

    1. THanks Leena 🙂

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