मेरे हमनशी | Infinite Love

तेरे सिवा
ज़िन्दगी से कोई चाहत नहीं थी
,
तेरे बगैर दिल
को कहीं राहत नहीं थी
,

कैसे जी रहा
हूँ मैं तुझ बिन मेरे हमनशी
,
तेरे सिवा
मुझे कोई आदत नहीं थी
♥♥


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4 thoughts on “मेरे हमनशी | Infinite Love

    1. THanks for reading 🙂

    1. THank you 🙂

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