Kash Koshishe Karti Wo | Love Poems

आज फिर कोशिशें की उसने,
मुझे आजमाने की,
यूँ नज़रों से
इशारे कर,
मेरा दिल बहलाने की |

कभी ख्वाबों में आकर,
मेरी रूह को तड़पाने की,
तो कभी जुल्फें संवारकर,
मुझे यूँ सताने की |

काश कोशिशें करती वो,
मुझे दिल से लगाने की,
यूँ दूर ना रहकर,
मेरे पास आ जाने की,
बिना कुछ कहे ही,
दिल को छू जाने की |

दुआएं भी बेअसर हो जायें,
जब लग जाये नज़र ज़माने की,
दिल ने कहा है मुझसे की,
अब ना कर कोशिशें मुझे आज़माने की |


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2 thoughts on “Kash Koshishe Karti Wo | Love Poems

  1. ufff!!!! chhoooo gayi dil ko 🙂

    1. Shukriya 🙂

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