Kyon Hai Ye Aawarapan | Love Song

ऐ ज़िन्दगी कैसे तुझे बतायें,
जब इश्क़ रुह को तड़पाये,
दुनिया में नहीं है अब इश्क़ और वफायें,
ऐ दिल क्यों तू समझ ना पाये |

मन का ये सूनापन,
सूनी है धड़कन,
दिल तेरे इश्क़ में आवारा है,
क्यों है ये आवारापन |

तू मुझसे जुदा क्यों है,
ये फासला क्यों है,
लूट चूका हूँ तेरी दीवानगी में,
क्यों है ये दीवानापन |
मन का ये सूनापन,
सूनी है धड़कन,
दिल तेरे इश्क़ में आवारा है,
क्यों है ये आवारापन |
क्यों तूने ये ग़म दीये,
क्यों दिल पे सितम कीये,
हर आरज़ू में आंसू ही मिलें हैं मुझको,
जितने भी किये खुश रहने के जतन |
मन का ये सूनापन,
सूनी है धड़कन,
दिल तेरे इश्क़ में आवारा है,
क्यों है ये आवारापन |
कैसी है ये आवारगी,
क्यों है ये आवारापन,
कैसे दूर करूँ खुद को तुझसे,
तेरी चाहत में डूबा है मेरा मन |
मन का ये सूनापन,
सूनी है धड़कन,
दिल तेरे इश्क़ में आवारा है,
क्यों है ये आवारापन |
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4 thoughts on “Kyon Hai Ye Aawarapan | Love Song

  1. beautiful… love the last verse! 🙂

    1. Thank you so much 🙂

  2. कोई और भी करता है तुझसे प्यार
    मगर तू मधुसुधन न उसे देख रहा मेरे यार…
    उसके दिल में भी मची है थोड़ी से तड़प…
    बस तुझसे बात करने कि हैं उसकी ललक…

    कैसा महावर भाईसाहब हमारी शायरी केसी लगी… इम्प्रूवमेंट है कि नहीं…

    1. बहुत खूब सर जी |

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