Tag: Satire

मैं जल हूँ | Hindi Kavita

मैं जल हूँ, जीवन प्रश्न है तो मैं हल हूँ, मैं गर आज हूँ, तो मैं कल हूँ… मैं जल हूँ, मैं बहती नदी का बल हूँ, मैं पेड़ पर लगा फल हूँ, मैं खेत में लहराती फसल हूँ, मैं धरा का आँचल हूँ, मैं बरसता बादल हूँ, मैं निर्मल गंगाजल हूँ… मैं जल हूँ, […]

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इक आदमी | हिंदी कविता

चेहरे पे उदासी लिए शहर में घूमता रहा, वो इक आदमी जो खुशियाँ बेचने आया था |

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अँधेरा | हिंदी शायरी

जिसे तू अपना समझ बैठा है, वो तेरा नहीं है, हर इक आदमी के अंदर अँधेरा है, कहीं सवेरा नहीं है |

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मन | HOPELESS

सिर्फ़ अँधेरों में रहकर सुकून मिलता है मुझे, ये उजालों में रहने वाले लोग मन के काले बहुत है |

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इश्क़ | Unrequited LOVE

ऐ इश्क़ अगर तू मिल जाए तो क्या होगा, तुझे सिर्फ छूने से हर चीज़ परायी हो गयी |

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नकली किरदार | Hopeless

नकली किरदारों की दुनियां में, सब असली होने की acting कर रहे हैं ।

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Roshni | Happy Diwali

कहीं रह ना जाये अँधेरा कोई, कि वो ख़ुद जल रहे हैं, कुछ लोग दूसरों को रौशनी देकर, ख़ुद अंधेरों में पल रहे हैं | Wishing you all a very happy and prosperous Diwali ♥♥

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नफ़रतें | untrustworthy

सूरतें सब यहां नकली है, नफ़रतें जो दिल में है सर्फ वही असली है ।

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Sang Tere | Zindagi

बेवजह सी हँसी, ये छिपे हुये चेहरे, जितना दर्द से निकलो, जख्म उतने ही गहरे, कोई नहीं रुकता यहाँ, बस हम ही है ठहरे, ज़िन्दगी ये एक सागर सी, हर दर्द जैसे उठती लहरे, धड़कने जुदा है दिल से मेरे, देखों यहाँ कितने है पहरे, उड़ चलूँ कहीं संग मैं तेरे, तोड़ दूँ अब ये […]

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ईमान | Faith

कोई खरीदता है खुशियाँ अपना पुराना सामान बेचकर, और वो लाये हैं घर खुशियाँ अपना ईमान बेचकर |

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