Tere Khwaabo Mein | Shayari

आँखों को आज फिर सुकून,
तेरे ख़्वाबों में सोने से है,
मुद्दतो बाद आज फिर मेरे लबों पे हँसी,
मेरे दिल के करीब तेरे होने से है ♥♥
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5 thoughts on “Tere Khwaabo Mein | Shayari

  1. बहुत खूब सरजी…

    1. धन्यवाद जी.

  2. बहुत खूब सर जी…

  3. बहुत अच्छा लिखते हI आप जारी रखिये मेरी शुभकामनाये आपके साथ है। बहूत गहरी रचनाये है सारी

    1. बहुत बहुत धन्यवाद.

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