Day: October 27, 2014

Jab Main Milunga Rab Se

सोच रहा हूँ कब से जब मैं मिलूँगा रब से तो क्या मांगूंगा, मेरे हिस्से की सज़ा मुझे मिल चुकी है या फिर अभी क़यामत बाकि है, जब मिलूँगा कल रब से तो ये हिसाब जानूंगा | Keyword Tag – Hindi Poems, Satire, Sadness, Lonely, Crying, Lost Soul, Hope

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