Day: January 29, 2015

Ae Zindagi | Hindi Poems

ऐ ज़िन्दगी तू क्यों उससे खेल रही है, जो बरसों से बस दर्द ही झेल रही है | उसकी ज़िन्दगी में भी बारिश की एक बौछार दे, वो हर पल मुस्कुरायें उसे तू खुशियाँ हज़ार दे, उसकी सांसों को जो सुकून दे, उसे तू ऐसी बहार दे | खुशियाँ अब कदम चूमे उसके, उसे फिर से […]

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