Day: April 1, 2017

Humsafar | Infinite Love

इस शब-ए-ग़म की अब सहर हो जाये, मेरे सजदों में भी थोड़ा असर हो जाये, मंज़िल कोई भी हो तू हमसफ़र हो जाये, जो हर लम्हा पँहुचे मुझ तक तू वो नज़र हो जाये ♥♥

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