Month: October 2017

Aadat | Infinite LOVE

तेरी आँखें है या कोई नशीली शराब है, ये इश्क़ ही है या मेरी आदत खराब है ♥♥

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जाहिल | Unrequited LOVE

ख़ुद को खोकर तेरे क़ाबिल किया है, मैंने इश्क़ में ख़ुद को जाहिल किया है ।

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इल्ज़ाम | Infinite LOVE

महोब्बत ना सही मुझे कोई इल्ज़ाम ही देदे, मैं तेरा क्या हूँ मुझे कोई तो नाम देदे ♥♥

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तेरा चेहरा | Infinite LOVE

तेरे मेहँदी लगे हाथ मेरे हाथों पे रख दे, मेरे हाथों की धुंधली लकीरों को थोड़ा गहरा कर दे, इस उम्मीद में देखता हूँ आसमां कि तू नज़र आ जाये, कुछ देर उस चाँद को तेरा चेहरा कर दे ♥♥

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