Day: January 30, 2018

कभी ऐसा हो | Hindi POETRY

कभी ऐसा हो कि चाँद भी ठंडी रात के आगोश में जले, कभी सूरज भी छांव-छांव चले, कभी ख़ुशबू तड़प कर हवा से गले मिले, तब मुझे भी तेरी बाहों में बहकने की सज़ा मिले ♥♥

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