Month: March 2018

सांवला रंग | OCTOBER

तेरे होंठो का वो सांवला रंग, जैसे रात आकर यहाँ ठहरी हो, तेरे होंठो के नीचे वो काला तिल, जैसे उस रात का कोई पहरी हो, जी करता है कि मेरे लबों से, तेरे लबों पे ठहरी रात से कुछ सितारे चुरा लूँ ♥♥

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बेधड़क | SHAYARi

तुम जो यूँ बारिशों में बेधड़क भीगती हो, मेरे दिल की ज़मीं को तुम अपनी अदाओं से सिंचती हो ♥♥

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रातरानी | Eternal LOVE

कहीं तुम उस रातरानी की ख़ुशबू तो नहीं, जिसका इंतज़ार साँसों को कई रातों से था ♥♥

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लबों से | HiNDI Poetry

तुम्हारी उँगलियों के कुछ निशान मेरे दिल पे रह गये हैं, ज़रा अपने लबों से इन्हें मिटा तो दो, मैंने हवाओं से भी कह दिया है कि इश्क़ है तुमसे, तुम इसे अब झुठला तो दो ♥♥

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ज़िंदगी की ख़ुशबू | Infinite LOVE

तुझे छूकर साँसे बहक सी जाती है, तेरे ज़िस्म से ज़िंदगी की ख़ुशबू आती है ♥♥

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तेरी ख़ुशबू | Infinite LOVE

तुझे ख़ुद से दूर कब तलक करूँ, तेरी ख़ुशबू को साँसों से कैसे अलग करूँ ♥♥

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