Month: July 2018

काज़ल | Unrequited LOVE

काज़ल लगा कर आई थी वो, और मेरे दिल को नज़र लग गयी ♥♥

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तलब | Infinite LOVE

तुझसे इश्क़ की तलब कभी गयी ही नहीं, सब कुछ छोड़ दिया, मगर तेरी यादें मुझसे अलग हुयी ही नहीं ♥♥

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Tera Ghar | Eternal LOVE

तेरे होंठों से छूकर उन्हें ताज़ा कर दे, वो गुलाब मुरझाने लगे हैं, मैंने रात से पूछा चाँद का पता, सितारें मुझे तेरा घर बताने लगे हैं ♥♥

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Mitti | Infinite LOVE

जिस कागज़ पर तेरा जिक्र हो, वो चिट्ठी बन जाऊं मैं, तेरे पाँव जहाँ-जहाँ पड़े, वो मिट्टी बन जाऊं मैं  ♥♥

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Teri Yaadein | Infinite LOVE

सूरज डूबने ही वाला था, कि तेरी यादें उभरने लगी, दिल की सुनसान गलियों से, तू ट्रेन सी गुजरने लगी ♥♥

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