Month: September 2018

हिज्र | Unrequited LOVE

एक उम्र की दूरी है, एक पल में मिटानी है, जो बातें कहनी थी तुमसे, वो अब ख़ुद से भी छुपानी है, इक रात ही काटी है हिज्र में, अभी एक उम्र बितानी है, एक लम्हा मोहब्बत का ना मिला, उनकी मोहब्बत फ़क़त जुबानी है, मोहब्बत हमेशा जिंदा रहेगी, बस ये ज़िंदगी फ़ानी है ♥♥

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नाउम्मीद इश्क़ | Unrequited LOVE

सोचा था कि तेरा बादलों के पार तक पीछा करूँ, तेरा कई जन्मों तक इंतज़ार करूँ, चाँद की परछाई में तेरा दीदार करूँ, तुझे कुछ भी कहने से डरूं, तुझे छूने की तड़प में मरूं, तेरी यादों को अपनी बाहों में भरूँ,नाउम्मीद इश्क़ से इश्क़ की उम्मीद करूँ, मगर मुझे लौटना था, इन बेबुनियादी बातों […]

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क़ातिल नज़र | Unrequited LOVE

उसकी आँखों में डूब कर मर जाना मुश्किल नहीं था, उसके पास क़ातिल नज़र तो थी मगर दिल नहीं था |

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दिल की बस्ती | Unrequited LOVE

एक पल में दिल की बस्ती उजड़ गयी, वो हुस्न में लिपटा कोई सैलाब था |

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शब्-ए-माहताब | Eternal LOVE

उसका हुस्न जैसे शब्-ए-माहताब है, मेरे होंठ प्याला और उसकी साँसे शराब है ♥♥

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मन | HOPELESS

सिर्फ़ अँधेरों में रहकर सुकून मिलता है मुझे, ये उजालों में रहने वाले लोग मन के काले बहुत है |

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