Day: October 21, 2018

मैं जल हूँ | Hindi Kavita

मैं जल हूँ, जीवन प्रश्न है तो मैं हल हूँ, मैं गर आज हूँ, तो मैं कल हूँ… मैं जल हूँ, मैं बहती नदी का बल हूँ, मैं पेड़ पर लगा फल हूँ, मैं खेत में लहराती फसल हूँ, मैं धरा का आँचल हूँ, मैं बरसता बादल हूँ, मैं निर्मल गंगाजल हूँ… मैं जल हूँ, […]

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नज़रिया | हिंदी

बयान करने को पूरा दरिया था, मगर कोई  जरिया ना मिला, फिर एक दिन हिंदी मिली, और फिर इक नज़रिया मिला |

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वजह | Hindi Poetry

कभी लगता है कि तू इस दिल से निकल जाये, तो कभी लगता  है कि तुझे याद करने की कोई वजह मिल जाये ♥♥

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