Day: February 13, 2019

हिकायतें | Hindi Poetry

उनके होंठों पर मेरी हिकायतें बहुत है, मैं ख़ुद कहूँ तो शिकायतें बहुत है, दिल का दम घुटता है इस शहर में, यहाँ जिस्मों को जोड़ने की रिवायतें बहुत है ।

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नाशाद | Urdu Shayari

कभी दिल को बेवजह ही नाशाद किया, तुझे फुर्सत निकाल कर याद किया ।

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गुनाह | Sad Shayari

दिल उम्मीद भी करे तो गुनाह क्या है, उसके सिवा दुनिया में और रखा क्या है, यूँ तो हर शख्श ने हमे नाशाद किया, वो भी दिल तोड़ दे तो बुरा क्या है ।

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